Gold Silver Price Drop Today – आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ग्राहकों और निवेशकों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है। 2026 की शुरुआत में जहां लगातार बढ़ते दाम लोगों की चिंता बढ़ा रहे थे, वहीं अब अचानक आई इस गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। नई जारी रेट लिस्ट के मुताबिक 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दामों में प्रति 10 ग्राम पर उल्लेखनीय कमी आई है, जबकि चांदी भी प्रति किलो सस्ती हुई है। शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों को देखते हुए यह गिरावट खरीदारों के लिए सुनहरा मौका मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की स्थिति का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। ऐसे में निवेश करने से पहले ताजा रेट जरूर चेक करें।
आज के सोने के ताजा रेट क्या हैं?
नई लिस्ट के अनुसार 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम के हिसाब से पहले की तुलना में काफी सस्ता हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो आभूषण खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है, लेकिन कुल मिलाकर देशभर में रेट नीचे आए हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में मांग कम होने और वैश्विक बाजार में कमजोरी के कारण दाम घटे हैं। अगर आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो यह समय अनुकूल माना जा सकता है। हालांकि खरीदारी से पहले हॉलमार्क और शुद्धता की जांच अवश्य करें।
चांदी की कीमतों में कितनी आई कमी?
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। प्रति किलो चांदी के रेट में हजारों रुपये तक की कमी दर्ज की गई है, जिससे औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों के लिए मांग बढ़ सकती है। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और आभूषणों में बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए इसके दाम में बदलाव का असर कई सेक्टरों पर पड़ता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई बढ़ने और मांग में कमी के कारण कीमतें नीचे आई हैं। छोटे निवेशक चांदी को सुरक्षित विकल्प के रूप में देखते हैं, क्योंकि कम कीमत में अधिक मात्रा खरीदी जा सकती है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा।
गिरावट के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?
कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे कई आर्थिक और वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। इसके अलावा ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंकों की नीतियां भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करती हैं। जब शेयर बाजार में तेजी आती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश जैसे सोने से पैसा निकालकर इक्विटी में लगाते हैं, जिससे सोने की मांग घटती है। यही कारण है कि हाल के दिनों में कीमतों में दबाव देखा गया। विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेशक गिरावट के समय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी कर सकते हैं।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस गिरावट के समय सोना और चांदी खरीदना फायदेमंद रहेगा। जानकारों के मुताबिक यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो गिरावट के दौरान खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। हालांकि शॉर्ट टर्म में बाजार में और उतार-चढ़ाव संभव है। शादी या व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीदारी करने वालों के लिए भी यह मौका अच्छा माना जा रहा है। निवेश से पहले अपने बजट, लक्ष्य और जोखिम क्षमता का आकलन जरूर करें। साथ ही प्रमाणित ज्वेलर्स से ही खरीदारी करें और बिल लेना न भूलें। बाजार की स्थिति बदलती रहती है, इसलिए ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी है।









